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महाय

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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महाय पु वि॰ [सं॰ महा] महान् । बहुत । अधिक । ज्यादा । उ॰—(क) तीसर अपनो रूप रचि व्यंकट शैल धराय । कह्यौ सकल शिष्यन करहु यामें प्रीति महाय ।—रघुराज (शब्द॰) । (ख) योके सनमुख हम दोऊ बैठी रूप बनाय । हमपै तनक तकै नहीं अचरज लगत महाय ।—रघुराज (शब्द॰) ।