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महायाग

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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महायाग संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. दे॰ 'महायज्ञ' ।

२. बहुत बड़ा यज्ञ । जैसे, अश्वमेध, राजसूय आदि । उ॰—इसीलिये अब ये महायाग सिर्फ पुराने महोत्सवों को निर्जीव नकल तथा पुरोहितों की आमदनी का एक जरिया मात्र रह गया ।—भा॰ इ॰ रू॰, पृ॰ १५२ ।