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महारम्भ

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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महारंभ ^१ वि॰ [सं॰ महारम्म] जिसका आरंभ करने में बहुत अधिक यत्न करना पड़े । बहुत बड़ा । उ॰—सच है छोटे जी के लोग थोड़े ही कामों में ऐसा घबरा जाते हैं मानो सारे संसार का बोझ इन्ही पर है । पर जो बड़े लोग है, उनके सब काम महारंभ होते है, तब भी उनके मुख पर कहीं से व्याकुलता नहीं झलकती ।—हरिश्चंद्र (शब्द॰) ।

महारंभ ^२ संज्ञा पुं॰ बडा काम [को॰] ।