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महासौषिर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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महासौषिर संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक प्रकार का रांग जिसमें दाँर्तों के मसूढ़े सड़ जाते हैं और मुँह में से बहुत दुर्गंधि आती है । विशेष—कहते हैं, जब यह रोग होता है, तब आदमी सात दिनों के अंदर मर जाता है ।