महीस
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]महीस पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ महीश] दे॰ 'महीश' । उ॰—जौ जगदीस तो अति भलो, जौ महीस तौ भाग । तुलसी चाहत जनम भरि रामचरन अनुराग ।—तुलसी ग्रं॰, पृ॰ ९३ ।
महीस पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ महीश] दे॰ 'महीश' । उ॰—जौ जगदीस तो अति भलो, जौ महीस तौ भाग । तुलसी चाहत जनम भरि रामचरन अनुराग ।—तुलसी ग्रं॰, पृ॰ ९३ ।