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महुँ

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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महुँ पु अव्य॰ [हिं॰] दे॰ 'महँ' । उ॰—भट महुँ प्रथम लीक जग जासू ।—मानस, १ ।१८० ।