महुअर
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]महुअर ^१ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ मधूक, प्रा॰ महूअ, हिं॰ महुआ]
१. वह भेड़ जिमका ऊन कालापन लिए लाल रंग का होता है ।
२. वह रोटी जो महुआ मिलाकर पकाई गई हो ।
महुअर ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ मधुकर, प्र॰ महुअर]
१. एक प्रकार का वाजा जिसे तुमड़ी या तुंबी भी कहते है । विशेष—यह कड़वी पतली तुंबी का होता है जिसमें दोनों ओर दो नालयाँ लगी होती है । एक ओर की नलो को मुँह में लगाकर और दूसरी और की नली की छेद पर उँगलियाँ रखकर इस े बजाते है । प्रायः मदारी लोग साँपों को मस्त करने के लिये इसे बजाते हैं ।
२. एक प्रकार का इंद्रजाल का खेल जो महुअर बाजकर किया जाता है । विशेष—इसमें दो प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी होते हैं जिनमें से प्रत्येक महुअर बजाकर दूसरे को मुर्छित अथवा चलने फिरने में असमर्थ करने का प्रयत्न करता है ।
महुअर पु ‡ ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ मधुकर] [स्त्री॰ महुअरि, महुअरी] भ्रमर । दे॰ 'मधुकर' । उ॰—मअरंदपाण विमुद्ध महुअर सद्द मानस मोहिया ।—कीर्ति॰, पृ॰ २६ ।