सामग्री पर जाएँ

महै

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

महै पु अव्य॰ [हिं॰] दे॰ 'मँह' । उ॰—नजर महै सबकी पड़ै कोऊ देखै नाहि ।—पलटू॰, पृ॰ ४४ ।