सामग्री पर जाएँ

महोला

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

महोला पु † ^१ संज्ञा पुं॰ [अ॰ मुहेल]

१. हीला । बहाना । उ॰— बाहर क्या देखराइए अंतर जपिए राम । कहा महोला खलक सो परेउ धनी से काम ।—कबीर (शब्द॰) ।

२. धोखा । चकमा । उ॰—सती शूर तन ताइया तन मन कीया घान । दिया महोला पीव को तव मरघट करै बखान ।—कबीर (शब्द॰) ।

महोला † ^२ संज्ञा पुं॰ [अ॰ महल्ला, हिं॰ मुहल्ला] समुदाय । संघ । समूह । उ॰—(क) सेन के प्रमाण कोन कहा साह बोले । सेना- पतिकोन कोन मीर देखन महोले ।—रा॰ रू॰, पृ॰ ११० । (ख) सब कूँ बुलाय वैण अकबर साह बोले । मेरी निसाँखातरी है तुमारे महोले ।—रा॰ रू॰ पृ॰ ११२ ।