माँचना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]माँचना पु ^१ क्रि॰ अ॰ [हिं॰ मचना]
१. आरंभ होना । जारी होना । शुरू होना । उ॰—देव गिरा सुनि सुंदर साँची । प्रीति अलौकिक दुहुँ दिसि माँची ।—तुलसी (शब्द॰) ।
२. प्रसिद्ध होना । उ॰—श्री हरिदास के स्वामी स्याम कुंज बिहारी की अटल अटल प्रीति माँचा ।—काष्ठजिह्वा (शब्द॰) ।
माँचना ^२ क्रि॰ स॰ [हिं॰] मानना । उ॰—करै प्रेम की टोक रोक एको नहिं माँचत ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ ३८७ ।