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माचना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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माचना पु † क्रि॰ स॰ [हिं॰ मचना] दे॰ 'मचना' । उ॰— (क) इमि संगर माचत भयो मधुबन के सब ओर ।— गोपाल (शब्द॰) । (ख) द्वादस दिवस चहूँ दिसि माच्यो फागु सकल ब्रज मांझ ।— सूर (शब्द॰) । (ग) बंदौं कौसल्या दिसि प्राची । कीरति जासु सकल जग माची ।— तुलसी (शब्द॰) । (घ) कहै पदमाकर त्यों तिनको अवाइन के, माचि रहे जार मुरलोकन में सीर है ।— पद्माकर (शब्द॰) ।