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माड़ौ

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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माड़ौ † संज्ञा पुं॰ [सं॰ मण्डप]

१. विवाह का मँडवा । दे॰ 'मंडप' । उ॰— रचि रचि मानिक माड़ौ छावहिं ।— जायसी ग्रं॰ (गुप्त), पृ॰ ३०७ ।

२. धूप और हवा के तीखे झोंके से बचाव के लिये पान के भीटे के ऊपर बाँस, फूस आदि का मंडप । पान का बँगला । विशेष दे॰ 'पान' । उ॰— पानवाड़ी की दीवारें जिनको टट्टी कहत हैं बहुत मोटी बनाई जाती है ताकि अंदर हवा न जा शके, लेकिन छत जिसे माड़ौ कहते हैं बहुत हलकी बनती है ।— कृषि॰, पृ॰ १८२ ।