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मानग्रंथि

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मानग्रंथि संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ मानग्रन्थि]

१. ईर्ष्या से उत्पन्न कोप ।

२. अपराध । जुर्म ।