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मान्यस्थान

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मान्यस्थान संज्ञा पुं॰ [सं॰] आदर या नाम का कारण । विशेष— मनु जो ने पाँच मान्यस्थान लिखे हैं— वित्त, बंधु, वय, कर्म और विद्या । अर्थात् धन संपत्ति, संबंध, अवस्था, कार्य और योग्यता इन पाँच कारणों से मनुष्य का आदर किया जाता है ।