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मारगन

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मारगन पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ मार्गण]

१. बाण । तीर । उ॰— तानेउ चाँप स्रवन लगि छाँड़े बिसिख कराल । राम मारग न गन चले लहलहात जनु व्याल । —तुलसी (शब्द॰) ।

२. भिक्षुक । याचक । भिखमंगा ।