सामग्री पर जाएँ

मारवा

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

मारवा संज्ञा पुं॰ [देश॰]

१. एक संकर राग जो परज, विभास और गौरी को मिलाकर बनाया जाता है । कुछ लोग इसे भ्रम से श्री राग का पुत्र मानते है ।

२. एक प्रकार का खयाल जो तिलवाड़ा ताल पर बजाया जाता है ।