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मालदीपक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मालदीपक संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक अलंकार का नाम । विशेष—इसमें एक धर्म के साथ उत्तरोत्तर धर्मियों का संबंध वर्णित होता है या पूर्वकथित वस्तु को उत्तरोत्तर वस्तु के उत्कर्ष का हेतु बतलाया जाता है । इस अलंकार को कविराज मुरारिदान ने संकर अलंकार माना है और इसे दीपक तथा श्रृंखलालंकार का समुच्चय कहा है । जैसे,—रस सों काव्य अर ु काव्य सों सोहत बचन महान । वाणी ही सों रसिक जन तिन सों सभा सुजान ।