मालोपमा
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]मालोपमा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] एक प्रकार का उपमालंकार जिसमें एक उपमेय के अनेक उपमान होते हैं और प्रत्येक उपमान के भिन्न भिन्न धर्म होते हैं । जैसे,—परम पवित्र है पुनीत पृथ्वी में आज, पन प्रजापालन में जैसे अवधेस को । जाकें भुज जुगल विराजै धर्म क्षत्रिन को धारैं भुवि भार फन मंडन ज्यों सेस को । भनत मुरार सब जगत उचार रह्यौ देखौ धन्य भाग यहै मरुधर देस को । अथक समंद सो है तापहर चंद सोहै सुखमा सुरिंद सोहै नंद तखतेस को ।—मुरारिदान (शब्द॰) ।