माहूँ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]माहूँ संज्ञा स्त्री॰ [देश॰] एक छोटा कीड़ा जो सरसों, राई आदि की फसल पर लगता है । विशेष—यह कीड़ा राई, सरसों, मूली आदि की फसल में उनके डंठलों पर फूलने के समय या उसके पहले अंडे दे देता है, जिससे फसल नितांत हीन होकर नष्ट हो जाती है । यह काले रंग का परदार भुनगे के आकार का कीड़ा होता है और जाड़े के दिनों में फसल पर लगता है । यदि पानी बरस जाय तो ये कीड़े नष्ट हो जाते हैं । प्राय: अधिक बदली के दिनों में, जब पानी नहीं बरसता, ये कीड़े अंडे देते हैं और फसल के डंठलों पर फुलों के आसपास उत्पन्न हो जाते हैं । इसे माही, माहो आदि भी कहते हैं । मुहा॰—माहूँ लगना = माहूँ का फसल के हरे डंठल पर अंडे देना ।