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मिथ्य़ाव्यय

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मिथ्य़ाव्यय संज्ञा पुं॰ [सं॰ मिध्या + व्यय] अपव्यय । दिखावे के लिये या अनुचित ढंग से खर्च करना । उ॰—बारात बुलाकर मिथ्या- व्यय मैं करूँ, नहीं ऐसा सुसमय ।—अनामिका, पृ॰ १३१ ।