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मिन्त

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मिंत पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ मित्र] दे॰ 'मित्र' । उ॰—(क) आली औरे मिंत को मेरी मिट्यो मिलाप ।—मतिराम (शब्द॰) । (ख) तू हेरे भीतर सों मिंता । सोई करै जेहि लहै न चिंता ।—जायसी (शब्द॰) ।