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मिसरा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मिसरा संज्ञा पुं॰ [अ॰ मिसरअ] कविता, विशेषतः उर्दू या फारसी आदि की कविता का एक चरण । पद । मुहा॰—मिसरा लगाना = किसी एक मिसरे में अपनी ओर से रचना करके दूसरा मिसरा जोड़ना । यौ॰—मिसरा तर = सुंदर और उपयुक्त मिसरा । मिसरा तरह । मिसरये सानी = दूसरा मिसरा ।