मिस्तर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]मिस्तर ^१ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ मिस्तरी?]
१. काठ का वह औजा र जिससे राज लोग छत या पलस्तर आदि पीटते हैं । पिटना ।
२. वह कल जिससे नील की टिकियाँ बनाई जाती हैं ।
मिस्तर ^२ संज्ञा पुं॰ [अ॰] दफ्ती का वह बड़ा टुकड़ा जिसपर समानांतर पर डोरे लपेट या सी लेते हैं और जो लिखने के समय लकीरें सीधी रखने के लिये लिखे जानेवाले कागज के नीचे रख लिया जाता है, अथवा जिसपर रखकर कागज दबा लिया जाता है ।
मिस्तर ^३ संज्ञा पुं॰ [हिं॰] दे॰ 'मेहतर' ।