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मीरभुचड़ी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मीरभुचड़ी संज्ञा पुं॰ [फ़ा॰ मीर + देश॰ भुचड़ी] एक कल्पित पीर जिसे हिजड़े अपना आदि पुरुष और आचार्य मानते हैं और जिसके वंश में वे अपने आप को समझते हैं । विशेष— कहते हैं कि ये स्त्रियों के वेश में रहते, चरखा कातकर अपना निर्वाह करते और छह महीने स्त्री तथा छह महीने पुरुष रहा करते थे । जब हीजड़ों में कोई नया हीजड़ा आकर संमिलित होता है, तब वे उसी के नाम की कड़ाही तलते और उसे पकवान खिलाते हैं । कहते हैं, जो कोई यह पकवान खा लेता है, वह भी हीजड़ों की तरह हाथ पैर मटकाने लगता है ।