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मुक्की

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मुक्की संज्ञा पुं॰ [हिं॰ मुक्का+ई (प्रत्य॰)]

१. मुक्का । घूँसा ।

२. वह लड़ाई जिसमें मुक्कों की मार हो । उ॰— मुक्की सु किज्जे मार, तहवीर टुटठहि झार ।—पृ॰ रासो, पृ॰ १५२ ।

३. आटा गूँधने के उपरांत उसे मुठ्ठियों से बार बार दबाना जिससे आटा नरम हो जाता है । क्रि॰ प्र॰—देना । लगाना ।

४. हाथ पैर आदि दबाने की क्रिया । मुठ्ठियाँ बाँधकर उससे किसी के शरीर पर धीरे धीरे आघात करना, जिससे शरीर की शिथिलता और पीड़ा दूर होती है । क्रि॰ प्र॰—मारना ।—लगाना ।