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मुखवास

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मुखवास संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. गंधतृण ।

२. तरबूज की लता ।

३. एला, लौंग आदि मुँह की वायु को सुंगधित करनेवाली चीजें । मुखवासन ।

४. श्वास । उ॰— जिसकी सुंदर छवि ऊपा है, ... मलयानिल मुखवास, जनधिमन, ... उस स्वरूप को तू भी अपनी मृदुबाहों में लिपटा ले रमा अंग में प्रेम पराग ।—वीणा, पृ॰, १२ ।