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मुजम्मा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मुजम्मा संज्ञा पुं॰ [अ॰ मजम्मह्] चमड़े या रस्ती का वह फेरा जो घोड़े को आगे बढने से रोनो के लिये उसको गामची या दुमचो में पिछाड़ी की रस्सी के साथ लगा रहता है । क्रि॰ प्र॰—बाँधना ।—लगाना । मुहा॰—मुजम्मा लगाना = ऐसा काम करना जिससे कोइ बात या काम रुक जाय । रोक या आड़ लगाना । मुजम्मा लेना = आड़े हाथों लेमा । खबर लेना । ठोक करना ।