मुदगर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]मुदगर संज्ञा पुं॰ [सं॰ मुदगर]
१. दे॰ ' मुदूगर' ।
२. दे॰ 'मुगदर' ।
मुदगर संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. काठ का बना हुआ एक प्रकार का गावदुमा दंड़ । मुगदर । जो़ड़ी । विशेष—यह मूठ की ओर पतला और आगे की ओर को ओर बहुत भारी होता है । इसे हाथ में लेकर हिलाते हुए पहलवान लोग कई तरह की कसरतें करते है । इससे कलाइयों और बाँहों में बल आता है । इसे जोड़ी भई कहते हैं क्योंकि इसकी प्रायः जोड़ी होती है जो दोनों हाथों में लेकर बारी बारी से पीठ के पीछे से घुमाते हुए सामने लाकर तानी जाती है । क्रि॰ प्र॰—फेरना ।—हिलाना ।
२. प्राचीन काल का एक अस्त्र जो दंड़ के आकार का होता था और जिसके सिरे पर बड़ा भारी गोल पत्थर लगा होता था ।
३. एक प्रकार की चमेली । मोगरा ।
४. एक प्रकार की मछली ।
५. कोरक । कली (को॰) ।
६. हथौड़ा या मुगरा । जैसे, मोहमुदगर (को॰) ।