मुद्रा

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हिन्दी[सम्पादन]

संज्ञा[सम्पादन]

मुद्रा स्त्री॰

  1. इसका अर्थ एक प्रकार के आकार से है। जिस प्रकार से हम धन को किसी आकर के द्वारा पहचानते हैं की यह सही है या नहीं। उसी प्रकार इस शब्द का उपयोग आकार के लिए किया जाता है। यदि हम खड़े हो जाते हैं तो वह हमारी खड़े रहते समय की एक मुद्रा कहलाएगी। सिक्कों का आकार भिन्न भिन्न होता है। उसे भी मुद्रा कहते हैं। सभी देशों की अलग अलग मुद्रा होती हैं।

उदाहरण[सम्पादन]

  1. क्या आप इस तरह की मुद्रा में रह सकते हैं?
  2. आपके पास किस देश की मुद्रा है?
  3. मेरे पास बहुत सी मुद्रायेँ हैं।