सामग्री पर जाएँ

मुद्रासङ्कोच

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

मुद्रासंकोच संज्ञा पुं॰ [सं॰ मुद्रा + सङ्कोच] सिक्कों की कमी । मुद्रा की पूर्ति उसकी वास्ताविक माँग से कम होना । उ॰—जान बूझकर मुद्रासंकोच न भी किया जाय तब भी ।—अर्थ (वे॰), पृ॰ ३३८ ।