मुरकना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]मुरकना क्रि॰ अ॰ [हिं॰ मुड़ना]
१. लचककर किसी ओर झुकना ।
२. फिरना । घूमना ।
३. लौटना । वापस होना । फिर जाना ।
४. किसी अंग का झटके आदि के कारण किस ी और तन जाना । किसी अंग का किसी और इस प्रकार मुड़ जाना कि जल्दी सीधा न हो । मोच खाना । जैसे, बाँह मुरकना, कलाई मुरकना ।
५. हिचकना । रुकना । उ॰—लोचन भरि भरि दोउ माता के कनछेदन देखत जिय मुरकी ।—सूर (शब्द॰) ।
६. विनष्ट होना । चौपट होना । उ॰—साहि सुव महबाहु सिवाजी सलाह बिन कोन पातसाह को न पातसाही मुरकी ।—भूषण (शब्द॰) ।