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मुरछाना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मुरछाना पु क्रि॰ अ॰ [सं॰ मुर्च्छन]

१. शिथिल होना ।

२. अचेत होना । बेसुध होना । बेहोश होना । उ॰—अधर दसनन भरे कठिन कुच उर लरे परे सुख सेज मन मुरछि दोऊ ।—सूर (शब्द॰) ।

मुरछाना पु † क्रि॰ अ॰ [सं॰ मुर्च्छा] अचेत होना । मूर्च्छित होना । बेहोश होना । उ॰—तात मरन सुनि श्रवण कृपानिधि धरणि परे मुरछाई । मोह मगन लोचन चल धारा बिपति ह्वदय न समाई ।—सूर (शब्द॰) ।