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मुरडा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मुरडा ^१ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ मुरणडा] भारत के पश्र्विमोत्तर दिशा की एक नगरी [को॰] ।

मुरडा ^२ संज्ञा पुं॰ [देश॰]

१. भूने हुए गरमागरम गेहूँ में गुड़ मिलाकर बनाया हुआ लड्डु । गृड़धानी । उ॰—पुनि संधाने आए बसाँधे । दूघ दही के मुरंडा बाँधे ।—जायसी ग्रं॰, पृ॰ १२४ ।

२. पानी निकालकर पिंडाकार बँधा दही या छेना का मीठा और नमकीन खाद्यपदार्थ । उ॰—असर दही कै मुरंडा बाँधे । औ सँधान बहु भाँतिन साधे ।—जायसी (शब्द॰) । मुहा॰—मुरंडा करना = (१) गठरी सा बना देना । समेटकर लड्डु सा कर देना । (२) भून डालना । (३) बहुत मारना पीटना । (४) मोह लेना । मुग्ध कर लेना । आशिक बना लेना । मुरंडा बाँधना = दही या छेने को पानी निथारने के लिये कपड़े में बाँधकर लटकाना या दबाना ।