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मुरलिका

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शब्दसागर

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मुरलिका संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] मुरली । बंसी । बाँसुरी । उ॰—(क) अँखियनी की सुधि भूलि गई । श्याम अधर मृदु सुनत मुरलिका चकृत नारि भईं ।—सूर (शब्द॰) । (ख) उर पर पदिक कुसुम बनमाला अँग धुकधुकी बिराजै चित्रित बाहु पौंचिआँ पौचैं हाथ मुरलिका छाजै ।—सूर (शब्द॰) । (ग) वन वन गाय चरावत डोलत काँध कमरिया राजै । लकुटी हाथ गरे गुँजमाला अधर मुरलिका बाजै ।—सूर (शब्द॰) ।