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मुरार

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मुरार ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ मृणाल] कमल की जड़ । कमलनाल । उ॰—छीनी तार मुरार सी तिहिं दीनी समुझाय । चोखी चितवनि यार की कटि न कहू कटि जाय ।—स॰ सप्तक, पृ॰ २४४ ।

मुरार पु ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ मुरारि] दे॰ 'मुरारि' ।