सामग्री पर जाएँ

मूर्त्ति

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

मूर्त्ति संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]

१. कठिनता । ठोसपन ।

२. शरीर । देह ।

३. आकृति । शकल । स्वरूप । सूरत । जैसे,—उस मनुष्य की भयंकर मूर्त्ति देखकर वह डर गया ।

४. किसी के रूप या आकृति के सदृश गढ़ी हुई वस्तु । प्रतिमा । विग्रह । जैसे, कृष्ण की मूर्त्ति, देवी की मूर्त्ति । मुहा॰—मूर्ति के समान=ठक । स्तब्ध । निश्वल ।

५. रंग या रेखा द्वारा बनी हुई आकृति । चित्र । तस्वीर ।

६. ब्रह्म सावर्ण के एक पुत्र का नाम ।

७. व्यक्ति । मनुष्य (विशेषतः साधुसमाज में प्रयुक्त) । उ॰—आजकल दा मूर्ति निवास करते है ।—किन्नर॰, पृ॰ १८ ।