मूलबंध
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]मूलबंध संज्ञा पुं॰ [सं॰ मूलबन्ध]
१. हठयोग की एक क्रिया जिसमें सिद्धासन या वज्रासन द्वारा शिश्न और गुदा के मध्यवाले भाग की दबाकर अपान वायु को ऊपर की ओर चढ़ाते हैं । उ॰—सोधै मूलबंध दैं राख आसन सिद्ध करौ ।—चरण॰ वानी, भा॰ २, पृ॰ १२८ ।
२. तंत्रोपचार पूजन में एक प्रकार का अंगुलिन्वास ।