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मृगमद

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मृगमद संज्ञा पुं॰ [सं॰] कस्तुरी । उ॰—मृगनयनी मृगपति मुखी मृगपद तिलक निलाट ।—ढोला॰, दु॰ ४६६ । यौ॰—मृगमदमय=कस्तुरी से युक्त । उ॰—अवलोकने विलोकिए मृगमदमय घनसार ।—केशव (शब्द॰) ।