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मृगमेद

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शब्दसागर

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मृगमेद पु संज्ञा पुं॰ [सं॰] कस्तुरी । मुश्क । उ॰—(क) सब और लिप्यो मृगमेद महा । तम हेत भयो दिग भेद कहा ।—गुमान (शब्द॰) । (ख) पुन्यन के जल धोरि घने घनसार मिले मृगमेद दहावत ।—गुमान (शब्द॰) । (ग) चोवा मिलै मृगमेद धसै घनसार सों केसरि गारत डोलैं ।—देव (शब्द॰) ।