सामग्री पर जाएँ

मृगवारि

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

मृगवारि पु संज्ञा पुं॰ [सं॰] मृगतृष्णा का जल । उ॰—सुते सपने ही सहै संसृत संताप रे । बुड़ो मृगवारि खायो जेवरि के साँप रे ।—तुलसी (शब्द॰) ।