मृगी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]मृगी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]
१. मृग नामक वन्य पशु की मादा । हरिणी । हिरनी । उ॰—मनहु मृगो मृग देखि दियासे ।—तुलसी (शब्द॰) ।
२. एक वर्णवृत्त जिसके प्रत्येक चरण में एक रगण (/?/) होता है । जैसे,—री प्रिया । मान तू । मान ना । ठान तु । इसे 'प्रिय वृत्त' भी कहते हैं ।
३. कश्यप ऋप की क्रोध- वशा नाम्नी पत्नी से उत्पन्न दस कन्याओं में से एक, जिससे मृगों की उत्पत्ति हुई है और जी पुलह ऋषि की पत्नी थी ।
४. पीले रंग की एक प्रकार की कौड़ी जिसका पेट सफेद होता है ।
५. अपस्मार नामक रोग । मृगो रोग ।
६. कस्तुरी ।