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मृत्युं

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मृत्युं जयरस संज्ञा पुं॰ [सं॰ मृत्युञ्जयरस] ज्वर के लिये उपयोगी एक रसौषध । विशेष—पारा एक माशा, गंधक दो माशे, सोहागा चार चार माशे, विष आठ माशे, धतुरे का बीज सोलह माशे तथा सोंठ, मिर्च और पीपल दस दस माशे सात सात रत्ती, इन सबको धतुरे की जड़ के रस में पीसकर माशे माशे भर की गोलियाँ बना लें, और जैसा ज्वर हो, उसके अनुसार अनुपान के साथ सेवन करे ।