मेघ

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हिन्दी[सम्पादन]

संज्ञा[सम्पादन]

समानार्थी[सम्पादन]

बादल

उदाहरण[सम्पादन]

  1. आज आसमान में पूरी तरह से मेघ छाई हुई है।

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

मेघ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. आकाश में घनीभुत जलवाष्प जिससे वर्षा होती है । बादल । उ॰—कबहुँ प्रबल चल मारुत जहँ तहँ मेघ उड़ाहि ।—तुलसी (शब्द॰) ।

२. संगीत में छह् रागों में से एक । विशेष—हनुमत् के मत से यह रोग ब्रह्मा के मस्तक से उत्पन्न है और किसी के मते से आकाश से इसकी उत्पत्ति है । यह ओड़व जातिका राग है; और इसमें ध, नि सा रे ग, ये पाँच स्वर लगते हैं । हनुमत् के मत से इसका सरगम इस प्रकार है—ध नि सा रे ग म प ध । वर्षाकाल में रात के पिछले पहर इसे गाना चाहिए । इसकी स्त्रियाँ या रागिनियाँ हनुमत् के मत से मल्लारी, सोरठी, सारंगी वा हंसिका और मधुमाधवी हैं । अन्य मत से रागनियाँ हैं—मल्लारी, देशी, सोरठ, नाटिका, तरुणी और कादंविनी । इसके पुत्र—मल्लार, गौर, कर्णाट, जलधर, मालाहक, तैलंग, कमल, कुसुम, मेघनाट, सामंत, लुम, भुपति, नाट और बंगाल है ।

३. मुस्तक । मोथा ।

४. तुंडलीय शाक ।

५. राक्षस ।

६. आधिक्य । बहुलता ।

मेघ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. यज्ञ ।

२. हवि । यज्ञ में बलि दिया जानेवाला पशु ।

४. मांस का शोरबा या रसा (को॰) ।

५. रस । सार । निर्यास (को॰) ।