मेदा
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]मेदा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] ज्वर और राजयक्ष्मा में अत्यंत उपकारी अष्टवर्ग में एक प्रसिद्ध ओषधि । विशेष—कहते हैं, इसकी जड़ अदरक की तरह पर बहुत सफेद होती है और नाखून गाड़ने से उसमें से मेद के समान दूध निकलता है । वैद्यक में यह मधुर, शीतल तथा पित्त, दाह, खाँसी, ज्वर और राजयक्ष्मा को दूर करनेवाली कही गई है । यह मोरंग की ओर पाई जाती है ।
मेदा संज्ञा पुं॰ [अं॰] पाकाशय । पेट । कोठा । जैसे, मेदे की शिकायत । मुहा॰—मेदा कड़ा होना = आँतों की क्रिया इस प्रकार की होना कि जल्दी दस्त न हो ।