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मेरवना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मेरवना क्रि॰ स॰ [सं॰ मेलन]

१. दो या कई वस्तुओं को एक में करना । मिश्रित करना । मिलाना । उ॰—ते मेरए धरि धूरि सुजोधन जे चलते वह छत्र की छाहों ।—तूलसी (शब्द॰) ।

२. दो या कई व्यक्तियों को एक साथ करना । संयोग करना । मिलाप करना । उ॰—(क) चतुरवेद हौं पंडित हीरामन मोहि नाऊँ । पझावत सौ मेरवौ सेव करौ तेहि ठाउँ ।—जायसी (शब्द॰) । (ख) है मोहि आस मिलैकै जौ मेरव करतार । जायसी (शब्द॰) । (ग) औ विनती पँडितन सन भजा । टूट सँवारहु, मेरवहु सजा ।—जायसी ग्रं॰, पृ॰ ९ ।