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मोरचंदा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मोरचंदा पु संज्ञा पुं॰ [मयूरचन्द्रक] दे॰ 'मोरचंद्रिका' । उ॰— गावत गोपाल लाल नीके राग नट हैं ।...मोरचंदा चारु सिर मंजु गुंजापुंज धरे, बनि बनधातु तन ओढ़े पीत पट हैं ।—तुलसी (शब्द॰) ।