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मोरपङ्ख

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मोरपंख संज्ञा पुं॰ [हिं॰ मोर + पंख ( =पर)] मोर का पर जो देखने में बहुत सुंदर होता है, और जिसका व्यवहार अनेक अवसरों पर प्रायः शोभा या श्रृगार के लिये अथवा कभी कभी औषद के रुप में होता है । उ॰—मोरपंख सिर सोहत नीके । गुच्छा बीच बिच कुसुम कली के ।—मानस, १ ।२३३ ।