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मोरवा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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मोरवा पु ‡ ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ मयूर, हिं॰ मोर + वा (प्रत्य॰)]

१. दे॰ 'मोर' । उ॰—कुक मोरवान को करेजा टुक टुक करैं लागति है हुक सुनि धुनि धुरवान को ।—दीनदयाल (शब्द॰) ।

२. मुष्क का वृक्ष । मोखा ।

मोरवा संज्ञा पुं॰ [देश॰] वह रस्सी जो नाव की किलवारी में बाँधी जाती है और जिससे पतवार का काम लेते हैं ।