सामग्री पर जाएँ

यवमध्य

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

यवमध्य संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. एक प्रकार का चांद्रायण व्रत ।

२. पाँच दिनों मे समाप्त होनेवाला एक प्रकार का यज्ञ ।

३. एक प्रकार का नगाड़ा (को॰) ।

४. एक नाप (को॰) ।