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यवाम्ल

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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यवाम्ल संज्ञा पुं॰ [सं॰] जौ की काँजी जी वैद्यक में वात और श्लेष्मानाशक, रक्तवर्धक, भेदक तथा रक्तदोपननाशक मानी जाती है ।